7 मई का अंक - किन्त्सुगि विशेषांक (2)

जापान और भारत को जोड़ता कार्यक्रम “चैरी के देश से”, जिसमें श्रोताओं के पत्रों और फ़ेसबुक टिप्पणियों के उत्तर के साथ होती हैं भारतीयों की नज़र से जापान के आकर्षणों के बारे में दिलचस्प जानकारी।
इस अंक में है, चीनी मिट्टी के टूटे बर्तनों को जोड़कर, उन्हें पहले से अधिक सुंदर और मूल्यवान बनाने की जापान की अनोखी प्राचीन कला 'किन्त्सुगि' सीखने भारत से जापान आयीं शुश्रि से मुलाक़ात का भाग-2।

जापान की विख्यात प्राचीन कला 'किन्त्सुगि' सीखने के लिए 2 सप्ताह के गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम में बंगलुरु से जापान आयीं शुश्रि।
जापानी लाख 'उरुशि' के लेप से टूटे कप के टुकड़े जोड़ने में तल्लीन शुश्रि।
उरुशि के लेप का उपयोग करते समय सावधानी बरतना ज़रूरी है, क्योंकि यह त्वचा के लिए होता है हानिकारक।
भारत से आयी शिष्या शुश्रि के साथ किन्त्सुगि के प्रख्यात गुरु त्सुकामोतो शोजि जिन्होंने अपना पूरा जीवन इस कला को सम्रर्पित कर दिया है।