बैंगन
कार्यक्रम "तोक्यो की लज़ीज़ राहें" में हम परिचय करवाते हैं तोयोसु सहित शहर की मंडियों में मिलने वाले विभिन्न खाद्य पदार्थों से। इस अंक में बात करेंगे बैंगन की, जिसे जापानी में नासु बुलाया जाता है। यह सब्ज़ी जापानी आहार में अहम भूमिका निभाती है। कई वर्षों के दौरान जापान ने बड़ी संख्या में स्थानीय प्रजातियों का विकास किया है और प्रत्येक प्रजाति उगाये जाने वाले क्षेत्र के मौसम के अनुरूप है। नीगाता, जापान में चावल उत्पादन की मुख्य जगहों में से एक है। इस जाने माने तथ्य के साथ-साथ, इस प्रिफ़ैक्चर में बैंगन की खेती का क्षेत्रफल समूचे जापान में सबसे बड़ा है। कार्यक्रम में चलेंगे नीगाता प्रिफ़ैक्चर और देखेंगे कि जापानी लोग इस सब्ज़ी से कितना प्रेम करते हैं।
तोयोसु मंडी में बैंगन के विभिन्न प्रकार
30 सेंटीमीटर की लम्बाई वाले याकि-नासु बैंगन ज़मीन के बिल्कुल करीब तक बढ़ सकते हैं।
हरा बैंगन सासाकामि-नासु दुर्लभ और मूल्यवान प्रजाति है।
किसान बैंगन के विभिन्न व्यंजनों को पसंद करते हैं।