यामाइमो
तोक्यो की थोक मंडी त्सुकिजि से स्थानांतरित हो चुकी है किन्तु उसका नाम जापानी भोजन सँस्कृति के प्रतीक के रूप में अब भी जीवित है। "त्सुकिजि की राह" के इस अंक में बात करेंगे जापानी पहाड़ी अरबी यामाइमो की। पकाने की विधि के अनुसार इस सब्ज़ी को चबाने के अहसास और ज़ायके में परिवर्तन आ जाते हैं। कार्यक्रम में चलेंगे सदियों पुराने एक रेस्त्राँ में जहाँ पारम्परिक यामाइमो व्यंजन परोसे जाते हैं। यह भी जानेंगे कि यामाइमो को पारम्परिक जापानी मिठाइयाँ बनाने में कैसे उपयोग किया जाता है। (16 नवंबर 2018 के अंक का पुनर्प्रसारण)
यामाइमो कई आकृतियों, आकारों और प्रकारों में मिलते हैं।
यामाइमो किसान सुनागा काज़ुयोशि (बाएँ) और रिपोर्टर यान्नी ऑल्सन
पैनकेक जैसे व्यंजन ओकोनोमियाकि में यामाइमो डालने से वह नर्म और फूला हुआ बनता है।
यामाइमो से युक्त जापानी मिठाइयों में ऋतुओं की झलक नज़र आती है।