विदेशी मरीज़ों के समीप
तोक्यो के पूर्व में स्थित चिबा प्रिफ़ैक्चर के नारिता शहर में एक अस्पताल है जहाँ बड़ी संख्या में विदेशी मरीज़ आते हैं। वर्ष 2019 में यहाँ 50 से भी अधिक देशों और क्षेत्रों के कुल 4,500 मरीज़ आये। इनमें से बहुत से मरीज़ों की अपनी ही समस्याएँ हैं, जैसे वे शायद जापान में अवैध रूप से हों या अस्पताल के खर्च का भुगतान करने में असमर्थ हों। इस अस्पताल में एक चिकित्सक आसाका तोमोमि विदेशी मरीज़ों और अस्पताल के बीच कड़ी के रूप में कार्य करती हैं। उनकी पूरी कोशिश रहती हैं कि ज़रूरतमंद लोग उपचार के अवसर न खो दें। कार्यक्रम में नज़र डालेंगे इस चिकित्सक के प्रयासों पर जो संघर्षों का सामना करते हुए भी लगातार काम कर रही हैं।
"अगर हम उनका ख्याल नहीं रखेंगे तो कौन रखेगा?", इस जज़्बे के साथ चिकित्सक आसाका परदेस में चिंतित विदेशी मरीज़ों का ख्याल रखती हैं।
डॉ. आसाका तोमोमि विदेशी मरीज़ों के लिए मुख्य संपर्क व्यक्ति के तौर पर काम करती हैं।
आसाका जिन मरीज़ों का ख्याल रखती हैं उनके साथ खड़े रहना चाहती हैं। लेकिन केवल यह विचार ही काफ़ी नहीं है। उन्हें सच्चाई का भी सामना करना है।