कठिन परिस्थितियों से गुज़रते हुए
इस अंक में हम कोविड-19 से बुरी तरह प्रभावित एक चार्टर बस कंपनी के सदस्यों से मिलने जाएँगे। कंपनी के कार्यकारी अधिकारियों को कुछ कर्मचारियों को नौकरी से हटाने का कठिन निर्णय लेना पड़ा। जो कर्मचारी रह गये उनके वेतन में भारी कटौती की गयी जिससे उनका गुज़ारा मुश्किल हो गया। एक नज़र डालेंगे 6 महीनों तक के उनके संघर्षों पर । (1 दिसम्बर 2020 के अंक का पुनर्प्रसारण)
फ़ुकुओका प्रिफ़ैक्चर में स्थित चार्टर बस कंपनी। चीन से पर्यटक समूहों के सारे दौरे रद्द हो गये जिनसे आमदनी का क़रीब 40 प्रतिशत हिस्सा आता था।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी काइएदा त्सुकासा रोज़ाना बैंकों को फ़ोन करके धन जुटाने के प्रयास कर रहे हैं। कंपनी में रह गये कर्मचारी अपने परिवारों के भरण पोषण के लिए साथ में अंशकालिक काम भी कर रहे हैं।
सैलानी बस यात्राओं में भारी कमी के चलते, बस चालक नाकागावा काओरि लोगों को लाने-ले जाने जैसे नये काम ढूँढ़ रही हैं।