साहित्‍य सरिता - ''मुखौटे में श्रद्धांजलि'' (भाग-3)
समाज ने कोरोनावायरस के विभिन्न रूपों से लगातार जारी कोविड महामारी के संग जीना सीख लिया है। कहानी का नायक 20 वर्ष के लंबे अंतराल के बाद अपने पुश्तैनी कस्बे में लौटा है। ख़र्च चलाने के लिए वह एक श्रद्धांजलि सभा में परोक्ष प्रतिनिधि की नौकरी ले लेता है। श्रद्धांजलि सभा स्थल पर मृतक का नाम देख कर वह चौंक जाता है क्योंकि इसी व्यक्ति के कारण उसके जीवन की दिशा बदल गयी।

कहानी के लेखक हायाशि जोजि का जन्म 1962 में हुआ था। वह मूलतः विज्ञान कथाकार हैं और 2018 से 2020 तक साइंस फ़िक्शन एंड फ़ेंटेसी राइटर्स ऑफ़ जापान संस्था के अध्यक्ष रहे हैं। उन्होंने यह कहानी तब लिखी जब समाज में कोविड-19 महामारी फैल रही थी। (30 अप्रैल को प्रसारित अंक का पुनर्प्रसारण)