साहित्‍य सरिता - ''मुखौटे में श्रद्धांजलि'' (भाग-1)
कहानी के लेखक हायाशि जोजि का जन्म 1962 में हुआ था। मूलतः विज्ञान फ़ंतासी के लेखक हायाशि 2018 से 2020 तक साइंस फ़िक्शन एंड फ़ेंटेसी राइटर्स ऑफ़ जापान संस्था के अध्यक्ष रहे। उन्होंने यह कहानी तब लिखी जब समाज में कोविड-19 महामारी फैल रही थी।

इस लघु कथा में कल्पना की गयी है कि कोविड महामारी का प्रकोप लगातार जारी रहने पर निकट भविष्य में लोगों के कामकाज और सामाजिक व्यवस्थाओं, विशेषकर किसी के निधन पर श्रद्धांजलि सभा की रस्म का स्वरूप कैसा होगा।

कहानी का नायक 20 वर्ष के लम्बे अंतराल के बाद अपने कस्बे में लौटा है। उसे अपने पुश्तैनी मकान को बेचकर उसका बकाया कर चुकाना है। अपना ख़र्च निकालने के लिए वह एक श्रद्धांजलि सभा में परोक्ष प्रतिनिधि की अस्थायी नौकरी ले लेता है।