साहित्य सरिता : "ग़ज़ब ब्लॉगर मेरी माँ" भाग-3
मुझे विश्वास नहीं हो रहा था! मेरी माँ, वह भी एक ग़ज़ब ब्लॉगर!
नात्सु एक कार्यालय जाने वाली कर्मचारी है जिसे एक ब्लॉग का पता चलता है कि जो उसकी माँ खाना बनाने की अपनी विधियों के बारे में लिखती हैं। वह एक बहुत ही सफल ब्लॉग है जिसके लाखों फ़ॉलोअर्स हैं।
वह अपनी माँ का ब्लॉग निरंतर पढ़ने लगती है और अनाम संदेश भेजने लगती है। आमतौर पर अंतर्मुखी रहने वाली माँ के जीवन के एक नये पहलू का उसे परिचय होता है, लेकिन फिर भी नात्सु सीधे अपनी माँ से इसके बारे में पूछने से हिचकती है।
बाद में नात्सु का स्थानांतरण तोक्यो हो जाता है। वह तोक्यो चली जाती है, पर उसे अकेले घर में अपनी माँ की चिंता भी सताती है। इस सब के बीच उसकी माँ का ब्लॉग अब बदलने लगा था...
सुनें खाना पकाने और ब्लॉगिंग के माध्यम से एक माँ और बेटी के बीच की मर्मस्पर्शी कहानी का तीन कड़ियों का तीसरा और अंतिम भाग।