आभासी यात्रा बनी बुज़ुर्गों की मुस्कान - नर्सिंग तकनीक प्रणेता केन्ता तोशिमा
वयोवृद्ध जनसंख्या में जापान विश्व में सबसे आगे है। ऐसे वृद्ध जन जो ज़्यादा चल-फिर नहीं सकते उनके जीवन में नयेपन की कमी आने लगती है और ऐसे लोग मनोभ्रंश से पीड़ित हो सकते हैं। उनके शारीरिक क्रियाकलाप वापस लाने के लिए देखभाल आवश्यक है लेकिन रोज़मर्रा की एक सी ज़िन्दगी के कारण बहुत से बुज़ुर्गों में हताशा बढ़ने लगती है। बहुत से देखभाल कर्मी इस समस्या का सामना कर रहे हैं। ऐसे में एक अनुसन्धानकर्ता इस समस्या का हल निकालने के लिए आभासी वास्तविकता यानी वर्चुअल रियलिटी प्रौद्योगिकी की सहायता ले रहे हैं। तोक्यो के अत्याधुनिक विज्ञान व प्रौद्योगिकी अनुसन्धान केन्द्र के केन्ता तोशिमा ने "वीआर यात्रा" विकसित की है जिससे बुज़ुर्ग अपनी यादों के स्थानों या पर्यटन स्थलों की आभासी यात्रा करके खुशी के कुछ पल बिता सकते हैं।
केन्ता तोशिमा
तोशिमा जापान भर में लोगों को "आभासी यात्राओं" का अनुभव देने के आयोजन करते हैं।
360 डिग्री की तस्वीरें खींचने के लिए वह 6 लैंस वाले वीआर कैमरे का उपयोग करते हैं।