10 दिसंबर का अंक - जापानी छात्रों के हिन्दी नाटक पर विशेष रिपोर्ट
भारत और जापान को जोड़ता कार्यक्रम "चैरी के देश से" में इस बार सुनिए, तोक्यो विदेशी अध्ययन विश्वविद्यालय महोत्सव में हिन्दी नाटक का मंचन करने वाले छात्रों के साथ बातचीत। साथ ही हमेशा की तरह पढ़ेंगे श्रोताओं के पत्र।
हिन्दी नाटक का मंचन करने वाले तोक्यो विदेशी अध्ययन विश्वविद्यालय के द्वितीय वर्ष के छात्रों के साथ वायला कावानो।
"फूलकुमारी" नाटक, जापानी लोक कथा पर आधारित है।
मूल रचना कार्य से लेकर अनुवाद, निर्देशन और लाइटिंग सहित मंच निर्माण तक का सारा काम छात्रों ने स्वयं किया।
प्रथम वर्ष के छात्रों ने समोसे और पालक पनीर तैयार कर बेचे। अपने स्टॉल का नाम उन्होंने हिन्दी और जापानी शब्दों को जोड़ कर "नमस亭" (नमस्तेइ) रखा, यानि "नमस्ते रसोई"। विभिन्न भाषाओं का अध्ययन करने वाले छात्रों द्वारा दुनिया भर के अलग-अलग व्यंजन और नाटक प्रस्तुत किये जाना ही तोक्यो विदेशी अध्ययन विश्वविद्यालय महोत्सव का मुख्य आकर्षण बन गया है।