25 सितंबर का अंक (ओबोन विशेषांक)
कार्यक्रम में श्रोताओं के पत्रों के साथ होगी वार्ता जापान में पूर्वजों के स्वागत के पर्व ओबोन और भारत के पितृ-पक्ष के बीच की समानता की जानकारी। इस पर हमसे चर्चा करेंगे तोक्यो के तोयो विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त जापानी प्राध्यापक मियामोतो हिसायोशि।
सेवानिवृत्त प्राध्यापक मियामोतो हिसायोशि। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में अपने शोध के लिए प्रवास के दौरान मियामोतो हिसायोशि ने 1978-85 के दौर में पूरे भारत का भ्रमण किया है।
ओबोन उत्सव पर पूर्वजों के स्वागत के लिए तैयार पूजा स्थल।
ओबोन के दौरान सब्ज़ियों से निर्मित जानवर रूपी कृति, 'शोर्यो-उमा'। माना जाता है कि 'गाय-बैल' या 'घोड़ा' पूर्वजों के लिए इस दुनिया तक आने जाने के वाहन हैं।