बहुसाँस्कृतिक समाजों में आपदा रोकथाम
जनवरी माह का विषय है बहुसाँस्कृतिक समाजों में आपदा रोकथाम के उपाय। 1995 में कोबे में आए हान्शिन-आवाजि महाभूकम्प के बाद उस क्षेत्र में रहने वाले विदेशियों ने सामुदायिक रेडियो स्टेशन शुरू किया। अलग-अलग भाषाएँ बोलने वाले लोगों के समूह भी बोसाइ आयोजनों को बढ़ावा देते आए हैं। कोबे के अनुभवों और प्रयासों से बाकी दुनिया को भी उपयोगी सीख मिलती हैं। कार्यक्रम में बात करेंगे आपदा के समय विदेशियों को होने वाली समस्याओं और उनके समाधानों के बारे में। (16 जनवरी, 2019 को प्रसारित अंक का पुनर्प्रसारण)
एफ़एमवाइवाइ की शुरूआत 1995 में कोबे में आए भूकम्प के बाद हुई। स्पेनी-भाषी समुदाय में सक्रिय रोक्साना ओशिरो और जापानी स्वयंसेवी हर सप्ताह इन्टरनेट पर बोसाइ से सम्बन्धित कार्यक्रमों का सीधा प्रसारण करते हैं।
ह्योगो लैटिन समुदाय ने बोसाइ क्रिसमस कार्यक्रम का आयोजन किया था जिसमें जापानी और दक्षिण अमरीकी दोनो ही मूल के 1000 निवासियों ने भाग लिया।
नागोया विदेशी अध्ययन विश्वविद्यालय की प्राध्यापक शिज़ुयो योशितोमि (बाएँ) बहुसाँस्कृतिक समुदाय को बढ़ावा देती है।