"बहारें आयेंगी" हिन्दी में चढ्ढा के स्वर में

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उपलब्ध होगा 31 मार्च 2023

11 मार्च 2011 को पूर्वी जापान में आये महाभूकंप में 18,400 से अधिक लोग मारे गये या लापता हो गये थे। एनएचके ने आपदा से उबरने हेतु सहायतार्थ गीत "हाना वा साकु (बहारें आयेंगी)" की रचना 2012 में की थी ताकि पीड़ितों को आपदा से उबरने का हौसला मिले और प्रभावित क्षेत्रों के पुनरुद्धार कार्यों को सहायता मिले। एनएचके वर्ल्ड-जापान ने "हाना वा साकु" के बहुभाषी संस्करणों की रचना 2021 में की है।