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भालुओं के संग जीवन

कर्मक्षेत्र जापान

प्रसारण तिथि 23 दिसम्बर 2020 उपलब्ध होगा 7 अप्रैल 2022

इस अंक में आपका परिचय करवाएँगे ब्रिटेन से आयी एक युवती से जो जापान में एशियाई काले भालुओं के अनुसंधान और संरक्षण के काम में संलग्न हैं। "कर्मक्षेत्र जापान" में नज़र डालते हैं जापान को कर्मभूमि बनाने वाले विदेशी कर्मियों के जीवन पर। (9 दिसम्बर 2020 के अंक का पुनर्प्रसारण)

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24 वर्षीय अमेलिया जॉइस हाइओन्ज़ का काम नागानो प्रिफ़ैक्चर के कारुइज़ावा शहर में वन्य भालुओं का अध्ययन और संरक्षण करना है।
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अमेलिया 2019 से गैर-मुनाफ़ा संगठन पिकिओ वन्य जीव अनुसंधान केन्द्र में काम कर रही हैं। स्थानीय सरकार ने इस केन्द्र को भालुओं के रहन सहन का सर्वेक्षण करने की ज़िम्मेदारी सौंपी है।
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मध्यरात्रि को गश्त लगाते हुए अमेलिया और उनके दल के सदस्य दूरमापी यंत्र का इस्तेमाल करते हुए पट्टे लगे भालुओं को ढूँढ़ने की कोशिश करते हैं। उनका केन्द्र वर्तमान में लगभग 40 भालुओं की गतिविधियों पर नज़र रख रहा है।
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केन्द्र में दो "भालू कुत्ते" हैं। इन भालू कुत्तों को केवल गंध से भालुओं में फ़र्क करने और उन्हें जंगलों तक खदेड़ने का प्रशिक्षण दिया गया है।

कार्यक्रम की रूपरेखा