13 मिनट 47 सेकंड

प्राचीन आसुका के रहस्य

देशाटन जापान का

प्रसारण तिथि 19 अगस्त 2021 उपलब्ध होगा 2 सितम्बर 2022

नारा प्रिफ़ैक्चर का आसुका क्षेत्र छठी शताब्दी के अन्त से लेकर 100 से अधिक वर्षों तक जापान की राजनीति और संस्कृति का केन्द्र था। वहाँ विकसित हुई आधुनिक सभ्यता बहुत सारी विरासतें पीछे छोड़ गयीं जिनमें से एक है पत्थर से बनी रहस्यमयी इमारतें। इन विशालकाय संरचनाओं ने कई मतों को जन्म दिया है। कार्यक्रम में अभिनेता लूक ब्रिजफ़ोर्ड इन भव्य इमारतों और उनसे जुड़ी पहेलियों की गुत्थी सुलझाएँगे और साथ ही अन्य ऐतिहासिक स्थलों की यात्रा भी करेंगे। (31 मार्च 2020 के अंक का पुनर्प्रसारण)

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अभिनेता लूक ब्रिजफ़ोर्ड
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छठी सदी के अन्त में बना "आसुकादेरा मन्दिर" जापान का पहला बौद्ध मन्दिर परिसर था। यहाँ भगवान बुद्ध की लगभग 3 मीटर ऊँची प्रतिमा स्थापित है जो देश की सबसे पुरानी बौद्ध प्रतिमाओं में से एक है।
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यह "इशिबुताइ कोफ़ुन स्तूप" है। सातवीं शताब्दी के आरम्भ में बनी यह समाधि शायद किसी प्रभावशाली व्यक्ति की होगी। अनुमान है कि इन विशालकाय चट्टानों का कुल वज़न 2,000 टन से अधिक है।
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"मासुदानोएवाफ़ुने (मासुदा शिला पोत)" एक ही चट्टान से बनाया गया है। माना जाता है कि इसका वज़न सैकड़ों टन के बराबर है।

कार्यक्रम की रूपरेखा