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आमामि ओशिमा की पुजारिन का हाथ का पंख (Kamiougi)

जापान की उत्कृष्ट कलाकृतियों की कहानी

प्रसारण तिथि 11 मई 2017 उपलब्ध होगा 31 मार्च 2029

इस अंक में हम जिस विशाल हाथ के पंखे की बात कर रहे हैं, वह 1 मीटर से भी अधिक चौड़ा है। पंखे पर दोनों तरफ़ शानदार चित्रकारी है। सामने की ओर सूर्य और फ़ीनिक्स पक्षी बने हैं, जबकि पीछे की तरफ़ चाँद, तितली और फूल बने हुए हैं। यह पंखा रियूक्यू साम्राज्य से है, जो जापान के दक्षिण में फैले द्वीपों से बना था। (इन द्वीपों पर जापान ने 19वीं सदी में कब्ज़ा कर लिया था और अब यह ओकिनावा द्वीप का हिस्सा हैं)। इस हाथ के पंखे को शाही कारखाने में बनाया गया था और धार्मिक समारोहों के लिए पुजारिन को राजा द्वारा दिए गए उपहारों में से एक था। रियूक्यू साम्राज्य में यह माना जाता था कि महिलाएँ अपनी आध्यात्मिक शक्तियों से पुरुषों की रक्षा करती थीं और राजा को भी रानी ही सहारा दिया करती थी। धार्मिक समारोहों की अध्यक्षता रानी किया करती थी और देवता की आराधना के लिए हरेक द्वीप तथा गाँव के लिए एक पुजारिन नियुक्त की जाती थी। इस महत्वपूर्ण भूमिका का प्रतीक हाथ का पंखा था। पंखे पर सूर्य राजा को दर्शाता है जबकि चाँद रानी को। यह पंखा एक पवित्र वस्तु और दिव्य शक्ति का प्रतीक था।

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कार्यक्रम की रूपरेखा