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आड़ी-खड़ी पट्टियों वाली विधि की घंटी (Dotaku)

जापान की उत्कृष्ट कलाकृतियों की कहानी

प्रसारण तिथि 16 अप्रैल 2015 उपलब्ध होगा 31 मार्च 2029

जापान में दूसरी सदी ईसा पूर्व से लेकर तीसरी सदी ईसवी तक बनाई गईं दोताकु, यानी काँस्य घंटियों के बारे में माना जाता है कि किसी रस्म या विधि में उनका इस्तेमाल किया जाता था। 'आड़ी-खड़ी पट्टियों वाली विधि की घंटी' को शायद दूसरी सदी ईसा पूर्व या पहली सदी ईसा पूर्व में बनाया गया। घंटी के सामने की तरफ़ बने रेखा चित्रों में ड्रैगन-फ़्लाई, नर्म खोल वाला कछुआ और कुत्तों के साथ जंगली सूअर का शिकार जैसे चित्र बने हुए हैं। ओखली और मूसल का प्रयोग कर रहे दो लोगों और ऊँचे फ़र्श वाली इमारत के चित्र विशेष रूप से मूल्यवान माने जाते हैं क्योंकि इनसे उस ज़माने के लोगों की जीवनशैली का पता चलता है, जब प्राचीन जापान में धान की खेती शुरू हुई। काँस्य, जिससे घंटियाँ बनायी गईं और इन्हें बनाने की तकनीक विदेशों से जापान आई - चीन या कोरियाई प्रायद्वीप से। दोताकु घंटियाँ यह बताती हैं कि उस ज़माने के जापानी लोगों ने इन विदेशी कौशलों को हासिल किया और उसे अपने विशिष्ट तौर तरीकों में ढाल लिया।

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कार्यक्रम की रूपरेखा