जापानी तेल कंपनियाँ सतत् विमानन ईंधन पर कर रहीं ध्यान केन्द्रित

जापानी तेल कंपनियाँ सतत् विमानन ईंधन के उत्पादन के लिए प्रयास तेज़ कर रही हैं। इसका उद्देश्य आगामी वर्षों में विमान सेवा कंपनियों को ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन घटाने में मदद करना है।

सतत् विमानन ईंधन को खाना पकाने के इस्तेमाल-शुदा तेल या वनस्पति आधारित पदार्थों से बनाया जाता है। पारंपरिक ईंधन के मुकाबले यह 80 प्रतिशत तक कम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जित करता है।

एक प्रमुख तेल रिफ़ाइनरी कंपनी कॉस्मो ऑयल ने सतत् ईंधन के उत्पादन के लिए इंजीनियरिंग कंपनी जेजीसी होल्डिंग्स और अन्य के साथ मिलकर इस महीने के आरम्भ में एक कंपनी स्थापित की।

पश्चिमी जापान के ओसाका स्थित कॉस्मो ऑयल की रिफ़ाइनरी में एक उत्पादन प्रतिष्ठान का निर्माण किया जाएगा। लगभग 2 साल में इसका संचालन आरम्भ किये जाने की योजना है।

जेजीसी होल्डिंग्स भवन निर्माण कंपनी मित्सुबिशि एस्टेट के साथ गठजोड़ कर रही है। उनकी मध्यवर्ती तोक्यो में भोजनालयों से खाना पकाने के इस्तेमाल-शुदा तेल को इकट्ठा करने की योजना है।

एक अन्य दिग्गज तेल कंपनी एनिओस ने भी फ़्राँस की टोटलएनर्जीस के साथ गठजोड़ किया है। उनका वर्ष 2025 से सतत् विमानन ईंधन बनाने का लक्ष्य है। साथ ही, इदेमित्सु कोसान की भी उसके अगले वर्ष से वनस्पति आधारित विमानन ईंधन बनाने की योजना है।

सरकार ने विमान सेवा कंपनियों के लिए इस दशक के अंत तक अपने ईंधन में 10 प्रतिशत सतत् विमानन ईंधन इस्तेमाल करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

लेकिन सतत् विमानन ईंधन की कीमत पारंपरिक ईंधन से दुगनी से लेकर 10 गुणा से भी अधिक हो सकती है। इसलिए कच्चा माल हासिल करने तथा कीमत घटाने के लिए प्रभावी तरीकों की तलाश में अभी समय लगेगा।