उक्रेनी विदेश मंत्री – फ़िलहाल शांति वार्ता संभव नहीं

उक्रेन पर रूसी आक्रमण आरम्भ हुए 9 महीने बीत चुके हैं और अब उक्रेनी जनता बिजली की कमी का सामना कर रही है। उक्रेनी नेता रूस को युद्ध अपराधों का दोषी ठहरा रहे हैं।

उक्रेन के विदेश मंत्री दमित्रो कुलेबा ने बुधवार को राजधानी कीव स्थित एक भूमिगत शरण स्थल में एनएचके से बात की। बुधवार को कीव में आवासीय इमारतों पर फिर से मिसाइल हमले हुए जिनके कारण वहाँ बिजली गुल हो गयी।

कुलेबा ने कहा कि रूसी सेना की हरक़तें शांति वार्ता के विचार को “बेतुका” साबित करती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि रूसी नेता, अपना “आक्रमण और आतंक” जारी रखने के लिए वार्ता की “आड़” ले रहे हैं।

पश्चिमी देशों ने हिमार्स रॉकेट प्रणाली सहित अत्याधुनिक हथियारों के साथ उक्रेन को सशक्त बनाया है, जिसके परिणामस्वरूप उक्रेन, औद्योगिक केन्द्र, हारकिव सहित विभिन्न क्षेत्रों को दुबारा अपने नियंत्रण में ले पाया है।

उक्रेन, हेरसोन को भी वापस लेने में कामयाब रहा है। हेरसोन ऐसी अकेली क्षेत्रीय राजधानी है जो रूस के कब्ज़े में चली गयी थी।

कुलेबा ने कहा कि उक्रेनी सेना, लोगों को यातनाओं, पीड़ा और दयनीय ज़िंदगी से बचाने के लिए अपने क्षेत्र को आज़ाद करवाने के प्रयास जारी रखेगी।

कुलेबा ने आशा व्यक्त की कि अगले वर्ष जी7 समूह की अध्यक्षता करने वाला देश जापान, रूस पर प्रतिबंध कड़े करने के प्रयासों का नेतृत्व करेगा। उन्होंने उक्रेनी लोगों को ठंड से बचाने के उद्देश्य से जनरेटर और अन्य उपकरण उपलब्ध कराने के लिए जापान का आभार भी व्यक्त किया।