बाइडन और जॉन्सन का नया एटलांटिक घोषणापत्र

अमरीका और ब्रिटेन के नेताओं ने द्विपक्षीय प्रतिबद्धताओं पर आधारित नया एटलांटिक घोषणापत्र जारी किया है। उन्होंने लोकतंत्र की सुरक्षा करने का संकल्प व्यक्त किया, जो चीन और रूस का मुकाबला करने का प्रयास प्रतीत हो रहा है।

अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडन और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉन्सन ने जी7 शिखर बैठक आरंभ होने के एक दिन पूर्व, बृहस्पतिवार को इंग्लैण्ड के कॉर्नवॉल में अपनी बैठक के बाद नया घोषणापत्र जारी किया।

मूल एटलांटिक घोषणापत्र अमरीका और ब्रिटेन की सरकारों द्वारा 80 वर्ष पूर्व जारी किया गया था। उसमें वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए अमरीका-ब्रिटेन सहयोग के लक्ष्यों को रेखांकित किया गया था जिससे संयुक्त राष्ट्र का जन्म हुआ।

नये संस्करण में कहा गया है कि दोनों देश "ऐसे सिद्धांतो, मूल्यों तथा लोकतांत्रिक और मुक्त समाजिक संस्थाओं की रक्षा करने का संकल्प लेते हैं, जो परस्पर राष्ट्रीय शक्ति और गठबंधन के प्रतीक हैं।"

दोनों देश "महासागर में नौवहन और उड़ान भरने तथा समुद्र के अंतरराष्ट्रीय रूप से अन्य वैध उपयोगों की स्वतंत्रता जैसे प्रमुख सिद्धांतों की रक्षा करने का वचन देते हैं।"

घोषणापत्र में यह भी कहा गया है कि दोनों देश "सामूहिक सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय स्थिरता तथा साइबर ख़तरों समेत सभी आधुनिक ख़तरों के विरुद्ध प्रतिरोध के लिए परस्पर साझा ज़िम्मेदारी की पुष्टि करते हैं।"