हॉन्ग-कॉन्ग रैली को पूरे हुए दो वर्ष

हॉन्ग-कॉन्ग में सरकार के विरोध में हुए विशाल प्रदर्शन को दो वर्ष पूरे हो गये हैं। इस विशाल प्रदर्शन के बाद क्षेत्र में बड़े पैमाने पर कई विरोध प्रदर्शन आयोजित हुए थे।

9 जून, 2019 को एक विधेयक का विरोध करने के लिए 10 लाख से अधिक लोग सड़कों पर उतर आये थे। उक्त विधेयक के तहत संदिग्ध व्यक्तियों को मुख्य भूमि चीन में प्रत्यर्पित करने का प्रावधान था। इस घटना के बाद समूचे क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन आरंभ हो गये थे।

विरोध प्रदर्शनों से निपटने के लिए चीन ने हॉन्ग-कॉन्ग के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून गठित किया, जो पिछले वर्ष जून के अंत में प्रभावी हुआ।

इस क़ानून के लागू होने के बाद से सरकार की आलोचना करने वाले राजनेताओं और लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ताओं को गिरफ़्तार कर उन पर अभियोग लगाया जा चुका है।

सरकार-विरोधी रैलियों में शामिल होने के हॉन्ग-कॉन्ग नागरिकों के आह्वान सोशल मीडिया से लगभग पूरी तरह से ग़ायब हो चुके हैं, क्योंकि अधिकारियों ने इस प्रकार के आयोजनों पर नियंत्रण कड़ा कर रखा है।

4 जून को तियानेनमेन घटना की बरसी के दिन हॉन्ग-कॉन्ग पुलिस ने एक उद्यान की नाकाबंदी कर दी थी, जहाँ आम तौर पर पीड़ितों के लिए वार्षिक शोक सभा आयोजित की जाती है। 4 जून, 1989 को चीन ने तियानेनमेन चौक पर लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की थी।

हॉन्ग-कॉन्ग जनमत अनुसंधान संस्थान नामक एक स्थानीय विचार मंच द्वारा पिछले महीने किया गया एक जनमत सर्वेक्षण दर्शाता है कि 63 प्रतिशत उत्तरदाता सरकार से असंतुष्ट थे।

असंतुष्ट युवा अब भी सड़कों पर उतर कर लोकतंत्र, स्वतंत्रता और हिरासत में बंद कार्यकर्ताओं की रिहाई की माँग कर रहे हैं।