हिरासत में लोगों के साथ बेहतर व्यवहार की अपील

गुम्मा प्रिफ़ैक्चर के ताकासाकि शहर में हिरासत में बंद विदेशियों और शरणार्थी दर्जे के आवेदकों के साथ बेहतर व्यवहार की अपील की जा रही है।

नागोया क्षेत्रीय आव्रजन कार्यालय में हिरासत में रखी गयी एक श्रीलंकाई महिला की मृत्यु के बाद से यह अपील की जा रही है। विश्मा संदामाली ने हिरासत के दौरान तबीयत ख़राब होने की शिकायत की थी और उसे एक चिकित्सक को भी दिखाया गया था। लेकिन उसके बाद उसे अस्पताल नहीं ले जाया गया और इस वर्ष मार्च में उसकी मृत्यु हो गयी।

गुम्मा प्रिफ़ैक्चर स्थित वकीलों और विदेशी समुदाय को सहयोग देने वाले एक समूह के सदस्यों सहित लगभग 20 लोग 29 मई को जेआर ताकासाकि स्टेशन के सामने एकत्र हुए।

एक 27 वर्षीय बांग्लादेशी व्यक्ति ने कहा कि उसने 2 साल पहले आव्रजन कार्यालय में शरणार्थी दर्जा प्राप्त करने का आवेदन किया था और वह अब भी जवाब का इंतज़ार कर रहा है। उसने बताया कि इस बीच वह अस्पताल नहीं जा सकता और उसे गुज़ारा करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

सभा का आयोजन करने वाली वकील फ़ुनानामि केइको चाहती हैं कि अधिक से अधिक लोग विदेशियों को आ रही कठिनाइयों के बारे में जानें।