म्यांमार खिलाड़ियों ने किया तख़्तापलट का विरोध

म्यांमार में 1 फ़रवरी को हुए तख़्तापलट के प्रति अपना असंतोष व्यक्त करने वाले खिलाड़ियों की संख्या बढ़ती जा रही है।

खेल जगत में सैन्य-विरोधी भावना मज़बूत होती जा रही है जहाँ पारंपरिक रूप से राजनैतिक झुकाव को निषिद्ध माना जाता रहा है।

म्यांमार के कुछ फ़ुटबॉल खिलाड़ियों ने 2022 विश्वकप फ़ुटबॉल के एशियाई क्वालिफ़ाइंग मुकाबलों में जापान के विरुद्ध एक मैच के लिए राष्ट्रीय टीम में शामिल होने से मना कर दिया था।

ज़ॉ मिन तुन उक्त मैच में भाग लेने से मना करने वाले खिलाड़ियों में से एक थे।

एनएचके के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि वह म्यांमार के लोगों के साथ खड़े होना चाहते थे जिस कारण उन्होंने इस मैच का बहिष्कार किया।

म्यांमार टीम के अन्य फ़ुटबॉल खिलाड़ियों ने भी सैन्य कार्रवाइयों पर अपना विरोध व्यक्त किया है। शुक्रवार को जापान के साथ हुए मैच से पहले राष्ट्रगान के दौरान ये खिलाड़ी ख़ामोश रहे। एक अतिरिक्त खिलाड़ी ने तीन उंगलियों की सलामी दी जो विरोध प्रदर्शनों का प्रतीक बन चुकी है।

राष्ट्रीय कीर्तिमान बना चुके म्यांमार के एक अग्रणी तैराक ने तोक्यो ओलंपिक खेलों का बहिष्कार करने की अपनी मंशा व्यक्त की है। इन खेलों के लिए उनके क्वालिफ़ाई करने की संभावना थी।