जापान और ईयू के नेताओं की चीन, ताइवान जलडमरूमध्य पर चर्चा

जापान और यूरोपीय संघ यानि ईयू के नेताओं ने ताइवान जलडमरूमध्य में चीन की बढ़ती समुद्री उपस्थिति के मद्देनज़र क्षेत्र में शांति और स्थिरता की महत्ता पर ज़ोर दिया है।

जापान के प्रधानमंत्री सुगा योशिहिदे ने यूरोपीय समिति के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल और यूरोपीय आयोग की अध्यक्षा उर्सुला वॉन डर लेयेन के साथ बृहस्पतिवार को एक ऑनलाइन बैठक में चीन पर चर्चा की।

नेताओं ने पूर्व और दक्षिण चीन सागरों में यथास्थिति बदलने के चीन के एकतरफ़ा प्रयासों का पुरज़ोर विरोध करने की पुष्टि की।

फ़रवरी में चीन ने एक क़ानून पारित किया था जिसके तहत देश के तट रक्षक बलों को उन जल क्षेत्रों में शस्त्र उपयोग का अधिकार दिया गया था जो चीन के अनुसार उसके अधिकार क्षेत्र में आते हैं।

सुगा और ईयू के नेताओं ने जलडमरूमध्य-पार मुद्दों के शांतिपूर्ण समाधान को प्रोत्साहित करने पर सहमति व्यक्त की।

नेताओं ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में यूरोपीय संघ के प्रभाव को बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने पर भी सहमति जतायी। चीन के बढ़ते प्रभाव के मद्देनज़र क्षेत्र में ईयू की रुचि बढ़ी है।

ईयू से जापान को कोरोनावायरस टीकों की सभी खेपों को स्वीकृति दिये जाने के चलते सुगा ने ईयू नेताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।

सुगा ने ईयू से टीकों के सतत् निर्यात को जारी रखने का आग्रह किया, जिसका संघ के नेताओं ने समर्थन किया।