यूनेस्को में सूचीबद्ध होंगे जापान के पुरातात्विक स्थल

उत्तरी जापान में पुरातात्विक स्थलों का एक समूह यूनेस्को की विश्व सांस्कृतिक धरोहर सूची में शामिल किया जा सकता है।

इस समूह में कुल 17 स्थल हैं, जो होक्काइदो, आओमोरि, इवाते और आकिता नामक चार प्रिफ़ैक्चरों में फैले हुए हैं।

आओमोरि शहर के सान्नाइ मारुयामा स्थल में गर्त कुटिया और स्तंभ-समर्थित इमारतें मौजूद हैं। इस समूह में आकिता प्रिफ़ैक्चर स्थित ओयु शिलावर्त भी शामिल है, जहाँ आनुष्ठानिक कार्यों के लिए बड़े और छोटे पत्थरों को वर्ताकार रूप से व्यवस्थित किया गया है।

जापान सरकार के अधिकारियों का कहना है कि इन बस्तियों को शिकार, जमा-बटोर और मछली पकड़ कर जीवन यापन करने वाले लोगों द्वारा विकसित किया गया था।

उनके अनुसार ये स्थल जोमोन काल में लोगों की आजीविका और आध्यात्मिक संस्कृति की झलक प्रदान करते हैं। कथित तौर पर जोमोन काल 10,000 से अधिक वर्षों तक अस्तित्व में रहा।

यूनेस्को की एक सलाहकार समिति ने उक्त स्थलों को चार श्रेणियों के पैमाने पर उच्चतम दर्जा देते हुए उन्हें सूचीबद्ध करने की सलाह दी है।

जुलाई में यूनेस्को समिति की बैठक में उन्हें औपचारिक तौर पर सूचीबद्ध किया जा सकता है।