आइचि में भारत से तीन एशियाई हाथियों का आगमन

भारत से तीन और लुप्तप्राय एशियाई हाथी आइचि प्रिफ़ैक्चर के तोयोहाशि शहर स्थित एक चिड़ियाघर पहुँच गये है।

इन तीन नये हाथियों को जून के अंत तक आगंतुकों के समक्ष प्रदर्शित करने की चिड़ियाघर की योजना है। ये तीन एशियाई हाथी एक भारतीय चिड़ियाघर से विमान से बृहस्पतिवार को तोयोहाशि सार्वजनिक प्राणी एवं वानस्पतिक उद्यान पहुँचे।

नर हाथी और मादा हथिनी की आयु 10 वर्ष है और वे दोनों मानवीय दृष्टि से वयस्क हो चुके हैं। उनके अलावा 5 साल की एक मादा शावक भी है।

हाथियों के आगमन से चिड़ियाघर में मौजूद एशियाई हाथियों की संख्या छः हो गयी है, जो नागोया में हिगाशियामा चिड़ियाघर या तोक्यो में उएनो चिड़ियाघर से अधिक है। अब यह चिड़ियाघर उन स्थलों की श्रेणी में आ गया है जहाँ समूचे विश्व में सबसे अधिक एशियाई हाथी संग्रहित किये गए हैं।

एशियाई हाथी लुप्तप्राय प्रजाति हैं, और इन दिनों उन्हें एक देश से दूसरे देश में ले जाना दुर्लभ है। तोयोहाशि शहर के अनुसार हाथियों के संरक्षण में चिड़ियाघर की उपलब्धियों के कारण इस प्रजाति को भेजने का प्रस्ताव भारत की ओर से आया था।

चिड़ियाघर उनकी स्थिति पर नज़र रखे हुए है और जून अंत तक उन्हें आगंतुकों के सामने प्रदर्शित करना चाहता है। हाथी बाड़े के जीर्णोद्धार पर भी चिड़ियाघर विचार कर रहा है। चिड़ियाघर के अधिकारियों को उम्मीद है कि नये हाथियों का तालमेल पहले से मौजूद तीन अन्य एशियाई हाथियों के साथ अच्छी तरह से बैठेगा और वे प्रजनन भी कर सकेंगे।