पूर्व अपहृता ने अन्य अपहृतों की स्वदेश वापसी के प्रयास किये बहाल

उत्तर कोरिया से क़रीब दो दशक पहले स्वदेश लौटी एक पूर्व जापानी अपहृता ने अन्य अपहृतों की स्वदेश वापसी के प्रयास बहाल कर दिये हैं।

सोगा हितोमि और उनकी माता मियोशि को 1978 में उत्तर कोरियाई जासूसों ने अगवा कर लिया था। सोगा वर्ष 2002 में जापान लौट आयी थीं लेकिन उनकी माता का अब तक कोई अता-पता नहीं चला है।

सोगा ने क़रीब दो साल में पहली बार रविवार को अपने गृहनगर में जागरूकता अभियान के तहत लोगों के हस्ताक्षर एकत्र करने शुरू किये। वह आमतौर पर अपहृतों की तुरंत रिहाई के लिए हर साल हस्ताक्षर अभियान चलाती हैं। लेकिन पिछले साल कोरोनावायरस के प्रसार के कारण उन्हें अपनी गतिविधियाँ रोकनी पड़ीं।

उन्होंने कहा कि वह जापान के सभी लोगों को याद दिलाना चाहती हैं कि वे इस मुद्दे को कभी न भूलें और जापानी नागरिकों के अपहरण के लिए उत्तर कोरिया को कभी माफ़ न करें। सोगा ने जापान और उत्तर कोरिया के बीच यथाशीघ्र वार्ता होने की आशा भी व्यक्त की।

इसके बाद उन्होंने अपहरण मुद्दे के समाधान की अपील दुहराते हुए कहा कि अब समय बहुत कम है क्योंकि अपहृतों के परिजन बूढ़े हो रहे हैं।