म्यांमार सेना प्रमुख - लोकतंत्र वांछनीय

म्यांमार सेना के प्रमुख मिन आंग लाइन ने तख़्तापलट के बाद विदेशी मीडिया को दिये अपने पहले साक्षात्कार में लोकतंत्र बहाली की इच्छा व्यक्त की है।

हॉन्ग-कॉन्ग के फ़ीनिक्स टेलीविज़न के साथ एक ऑनलाइन साक्षात्कार में दी गयीं वरिष्ठ जनरल की टिप्पणियों को शनिवार को प्रसारित किया गया।

सेना प्रमुख ने कहा कि सेना का उद्देश्य बहुदलीय लोकतंत्र पर आधारित एक संघीय राज्य स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि यदि परिस्थितियाँ अनुकूल रहीं तो यह परिवर्तन 12 से 18 महीनों में हो सकता है।

प्रतीत होता है कि तख़्तापलट विरोधी प्रदर्शनकारियों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का सहयोग प्राप्त करने के लिए उन्होंने इशारा किया कि सैन्य शासन एक अस्थायी व्यवस्था है।

साक्षात्कार के सार्वजनिक किये गए भाग में उन्होंने लोकतंत्र की स्थापना के लिए आवश्यक चुनाव के समय पर कोई टिप्पणी नहीं की।

सेना प्रमुख ने सुरक्षा बलों की गोलियाँ से 800 से अधिक लोगों के मारे जाने की ख़बरों का खंडन किया। म्यांमार के एक मानवाधिकार समूह ने इस संख्या ख़बर दी है।

मिन आंग लाइन ने कहा कि मौतों का वास्तविक आँकड़ा 300 है। उन्होंने कहा कि झड़पों में 47 पुलिस वाले भी मारे गये हैं और 200 से अधिक घायल हुए हैं।