जी7 कोयला-आधारित ऊर्जा हेतु सहायता समाप्त करने पर सहमत

विश्व की सात मुख्य अर्थव्यवस्थाओं के समूह यानि जी7 के मंत्री कोयला-चालित ऊर्जा संयंत्रों के अंतरराष्ट्रीय वित्तपोषण को इस वर्ष के अंत तक समाप्त करने की ओर ठोस क़दम उठाने पर शुक्रवार को सहमत हुए।

जी7 के जलवायु और पर्यावरण मंत्रियों ने दो-दिवसीय ऑनलाइन बैठक के बाद संयुक्त वक्तव्य जारी किया।

वक्तव्य में कहा गया है कि जी7 कोयला आधारित बिजली उत्पादन को वैश्विक तापमान वृद्धि के सबसे बड़े कारक के रूप में देखता है।

उसमें संकल्प लिया गया है कि जी7, “कोयला आधारित ताप विद्युत के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रहे बेरोकटोक उत्पादन” में आधिकारिक विकास सहायता यानि ओडीए जैसी सरकारी मदद और निर्यात वित्तपोषण समाप्त करने की ओर ठोस कदम उठायेगा। इसमें उत्सर्जन पर बिना किसी नियंत्रण के कोयला जलाने की क्रिया को उसका बेरोकटोक उपयोग किया जाना माना गया है।

वक्तव्य में कहा गया है कि जी7 समूह 2030 के दशक में ऊर्जा प्रणाली के “अत्यधिक” अकार्बनीकरण हेतु प्रतिबद्ध है और वह वैश्विक तापमान, औद्योगिक क्रांति के पूर्व स्तर से 1.5 डिग्री सेल्सियस की बढ़त तक सीमित करने का लक्ष्य रखता है।

द बीबीसी ने जीवाश्म ईंधन ऊर्जा पर प्रतिबन्धों को लेकर जापान के विरोध की खबर दी। उसने बताया कि ब्रिटेन की सरकार आशा करती है कि जापान नवम्बर में होने वाले कॉप26 सम्मेलन से पहले अपने रुख में बदलाव लायेगा।