इज़्रायल और हमास के बीच संघर्ष विराम

इज़्रायल और फ़िलिस्तीनी कट्टरपंथी गुट हमास के बीच 11 दिनों से जारी भीषण हिंसा समाप्त हो गयी है, और संघर्ष विराम लागू कर दिया गया है। अन्य देशों ने इस संघर्ष विराम के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया है, लेकिन डर है कि समझौता टूटने की स्थिति में दोनों ही पक्ष पलटवार करेंगे।

संघर्ष विराम का जश्न मनाने के लिए गाज़ा पट्टी में लोग सड़कों पर उतर आये।

पिछले 11 दिनों की लड़ाई से मानवीय संकट पैदा हो गया है।

इज़्रायल सरकार ने संघर्ष विराम को "पारस्परिक और शर्त-रहित" बताया है।

गाज़ा पट्टी पर हमास का नियंत्रण है। इज़्रायल का कहना है कि उसके लक्षित हमलों ने हमास की कमर तोड़ दी है। लेकिन हमास नेतृत्व ने इसका खंडन करते हुए दावा किया कि वह अपना विरोध जारी रखेगा।

इस संघर्ष विराम की मध्यस्थता मिस्र ने अमरीका के अनुरोध पर की है। राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा, "मेरा मानना है कि फ़िलिस्तीनियों और इज़्रायलियों दोनों को सुरक्षित और निश्चिंत होकर जीने तथा स्वतंत्रता, समृद्धि और लोकतंत्र का समान रूप से आनंद लेने का अधिकार है। मेरा प्रशासन इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए शांत और अथक कूटनीतिक प्रयास करता रहेगा।"

लेकिन इस विवाद को जन्म देने वाले लंबे समय से चले आ रहे मुद्दे अब भी हल नहीं हुए हैं, जिनमें येरूशलम पर दोनों पक्षों का दावा भी शामिल है।