आईईए ने शुद्ध शून्य उत्सर्जन योजना का किया अनावरण

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी यानि आईईए ने 2050 तक ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन की मात्रा घटाकर शुद्ध शून्य करने के लिए एक व्यापक योजना जारी की है।

आईईए ने मंगलवार को इस योजना की समयसारिणी जारी की। योजना के अंतर्गत इस वर्ष तेल और गैस के नये कुओं तथा नयी कोयला खानों में निवेश को रोकने और साथ ही वर्ष 2035 तक पेट्रोल से चलने वाली नयी कारों की बिक्री बंद करने का आह्वान किया गया है।

इसमें उत्सर्जन घटाने में असमर्थ कोयला चालित बिजली संयंत्रों को 2040 तक बंद करने की माँग की गयी है। वर्ष 2050 तक दुनिया की कुल विद्युत ऊर्जा का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा पवन और सौर ऊर्जा से उत्पादन करने की भी माँग की गयी है।

आईईए दुनिया भर की सरकारों से हाइड्रोजन, वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड निकालने और अन्य विषयों पर अध्ययन को बढ़ावा देकर, वैश्विक तापवृद्धि को कम करने के लिए नवाचार को प्रोत्साहित करने का आग्रह कर रहा है।

जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते में 21वीं सदी के उत्तरार्ध में शुद्ध शून्य उत्सर्जन समाज के लक्ष्य को शामिल किया गया है। जापान, अमरीका और यूरोपीय संघ ने 2050 तक ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को घटाकर शुद्ध शून्य करने का संकल्प व्यक्त किया है।