हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का इच्छुक जापान

जापान प्रमुख यूरोपीय देशों के साथ रक्षा सहयोग प्रगाढ़ करते हुए हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता बढ़ाने के अभियानों में शामिल होने का इच्छुक है। क्षेत्र में चीन की बढ़ती समुद्री उपस्थिति के चलते जापान ने यह इच्छा व्यक्त की है।

ब्रिटेन सरकार ने पिछले महीने घोषणा की थी कि एचएमएस क्वीन एलिज़ाबेथ के नेतृत्व में ब्रिटेन का विमान वाहक युद्धपोत बेड़ा जापान सहित इस क्षेत्र में नौवहन करेगा।

जापान के रक्षा मंत्री किशि नोबुओ ने इस क़दम का स्वागत करते हुए कहा कि जापान और ब्रिटेन के संबंध एक नये चरण में प्रवेश कर गये हैं।

फ़रवरी में विदेश तथा रक्षा मंत्रियों की एक बैठक में जापान और ब्रिटेन ने पुष्टि की थी कि वे चीन की बढ़ती समुद्री उपस्थिति के मद्देनज़र आपसी सुरक्षा सहयोग मज़बूत करेंगे।

ब्रिटेन के बेड़े में नीदरलैंड का एक पोत भी शामिल होगा। फ़्राँस के नौसैनिक पोत भी मई में जापान आयेंगे जबकि जर्मनी अगस्त में अपना एक युद्धपोत रवाना करेगा। ये क़दम प्रत्यक्ष रूप से यूरोपीय देशों द्वारा अपनी क्षेत्रीय प्रतिबद्धता बढ़ाने की तत्परता दर्शाते हैं।

जापान क्षेत्र में स्थिरता लाने के उद्देश्य से अपने आत्मरक्षा बल के साथ संयुक्त सैन्याभ्यासों सहित अन्य गतिविधियों के माध्यम से यूरोपीय देशों के साथ सुरक्षा संबंध मज़बूत करने का इच्छुक है।