म्यांमार सेना - 2 सैन्य हवाई अड्डों पर रॉकेट से हमला

म्यांमार सेना का कहना है कि देश के मध्यवर्ती भाग में स्थित 2 सैन्य अड्डों पर बृहस्पतिवार को रॉकेट हमले हुए लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ।

सेना ने कहा कि सभी हमले लगभग एक ही समय पर हुए।

यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब तख़्तापलट विरोधी प्रदर्शनकारियों का साथ देने वाले जातीय अल्पसंख्यक विद्रोहियों तथा सेना के बीच संघर्ष जारी है।

सेना दक्षिणपूर्वी प्रांत कारेन तथा अन्य स्थानों पर प्रतिदिन हवाई हमले कर रही है जबकि विद्रोहियों ने कई सैन्य अड्डों पर क़ब्ज़ा कर लिया है।

सेना ने 1 फ़रवरी को सत्ता हथिया कर राज्य प्रशासन समिति नामक शीर्ष नीति नियामक संस्था की स्थापना की थी।

समिति के एक प्रवक्ता एई दाज़ेन मिएन ने बृहस्पतिवार को पत्रकारों को बताया कि "आधिकतर शांतिप्रिय लोग अब दंगों में शामिल नहीं हैं।" उनका इशारा था कि सेना ने तख़्तापलट प्रदर्शनों पर लगभग नियंत्रण पा लिया है।

लेकिन प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाहियों के दौरान मरने वाले आम नागरिकों की बढ़ती संख्या अधिकाधिक सैनिकों को सेना छोड़ कर विद्रोहियों के नियंत्रण वाले या अन्य स्थानों की ओर जाने पर विवश कर रही है। मरने वाले आम नागरिकों की संख्या अब 750 से अधिक हो गयी है।

मार्च में सेना छोड़ने वाले एक पूर्व सैन्य अधिकारी ने एनएचके को बताया कि सेना अब एक हत्यारे आपराधिक गुट की तरह काम कर रही है। अधिकारी ने कहा कि वह अपने पूर्व सहकर्मियों से जल्द से जल्द तानाशाहों को छोड़ कर लोगों के साथ खड़े होने का आग्रह करना चाहता है।