ईरान ने परमाणु संधि की वार्ताओं में प्रगति का दिया संकेत

2015 की परमाणु संधि को पुनर्जीवित करने की वार्ताओं से सम्बन्धित एक वरिष्ठ ईरानी मध्यस्थ ने कुछ प्रगति होने की बात को स्वीकारते हुए इंगित किया है कि ईरान के विरुद्ध कुछ अमरीकी प्रतिबन्धों को हटाने पर सहमति बनी है।

अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प वर्ष 2018 में इस संधि से निकल गये थे और ईरान पर फिर से प्रतिबन्ध लगा दिये थे। वर्तमान राष्ट्रपति जो बाइडन का प्रशासन संधि में फिर से शामिल होने की आशा रखता है।

अमरीका यूरोपीय संघ सहित अन्य मध्यस्थों के माध्यम से इस माह की शुरुआत से ईरान के साथ अप्रत्यक्ष रूप से ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना में वार्ताओं में हिस्सा ले रहा है।

इस संधि के सदस्यों ने नवीनतम बैठक मंगलवार को की।

बैठक के बाद, ईरान के विदेश उप-मंत्री अब्बास अराग़ची ने सरकारी टेलीविज़न को बताया कि लगभग सभी खंडीय प्रतिबन्धों को हटाने पर सहमति बन गई है। उनमें देश के तेल और बैंक क्षेत्र पर लगे प्रतिबन्ध शामिल हैं जिन्हें समाप्त करने की माँग ईरान ने की थी।

उन्होंने कहा, “हम सही मार्ग पर जा रहे हैं लेकिन कठोर चुनौतियाँ और कठिन बारीकियाँ अभी शेष हैं” और साथ ही कहा कि बैठक में प्रतिनिधिमण्डल ने वार्ताओं में गति लाने पर भी सहमति जतायी।

ईरान की माँग है कि ट्रम्प प्रशासन द्वारा लगाये गए सभी प्रतिबन्धों को हटा लिया जाये। अमरीका ने ईरान के समक्ष मौजूदा प्रतिबन्धों की तीन श्रेणियाँ रखीं जिनमें पहली में वे हैं जो अमरीका हटायेगा, दूसरी में वे हैं जिन्हें वह नहीं हटायेगा और तीसरी “कठिन मामलों” वाली श्रेणी है।

माना जाता है कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर के वरिष्ठ सदस्यों और कुछ अन्य लोगों पर लगे प्रतिबन्ध ना हटाये जाने वाली श्रेणी में हैं।