डब्ल्यूएचओ ने भारत में पाये गए वायरस के प्रकार को सूची में जोड़ा

विश्व स्वास्थ्य संगठन यानि डब्ल्यूएचओ ने भारत में पहली बार पता चले कोरोनावायरस के प्रकार को अपनी वायरस प्रकारों की उस सूची में जोड़ दिया है जिस पर उच्च पारगमन क्षमता और मानव रोग-प्रतिरोधक क्षमता से बच निकलने के अधिक सामर्थ्य के लिए करीबी से निगरानी रखने की आवश्यकता है।

डब्ल्यूएचओ ने विश्व भर के स्वास्थ्य अधिकारियों से वायरस के इस प्रकार से सम्बन्धित मामलों को रिपोर्ट करने का आह्वान किया है।

माना जा रहा है कि वायरस का यह प्रकार भारत में हाल ही में बढ़ते मामलों का कारण है। देश में प्रतिदिन होने वाले संक्रमण मामलों की संख्या 3,00,000 से अधिक देखी जा रही है। मृतकों की संख्या प्रतिदिन 2,000 के पार जा रही है।

डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि अब तक ब्रिटेन, अमरीका और सिंगापुर समेत कम से कम 16 देशों में इस प्रकार की पुष्टि हो चुकी है।

डब्ल्यूएचओ ने मंगलवार को जारी की गई अपनी एक रिपोर्ट में इस प्रकार को “महत्त्व वाले प्रकार” के तौर पर वर्णित किया है। इस प्रकार का वंश बी.1.617 है।

डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि इस प्रकार में तीन विशिष्ट उत्परिवर्तन हैं जो वायरस की पारगमन क्षमता और उसके विरुद्ध रोग-प्रतिकारकों के कार्य को क्षीण कर सकते हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में मामलों पर हुए एक विश्लेषण में पता चला है कि यह प्रकार अधिक पारगमन क्षमता वाला प्रतीत होता है।

भारत में बढ़ते मामलों का हवाला देते हुए डब्ल्यूएचओ ने कहा कि देश में बड़े स्तर पर धार्मिक आयोजनों के समय वायरस-रोधी उपायों को लागू करना काफ़ी कठिन रहा होगा।