जापान की संसद ने दी आरसेप को मंज़ूरी

जापान की संसद ने देश को क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साझेदारी यानि आरसेप समझौते में शामिल होने के लिए स्वीकृति दे दी है। आरसेप एशिया-प्रशांत क्षेत्र की 15 अर्थव्यवस्थाओं के बीच एक विशाल मुक्त व्यापार समझौता है।

संसद के ऊपरी सदन ने बुधवार को इस विधेयक को मंज़ूरी दी।

जापान, चीन, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड तथा दक्षिणपूर्व एशियाई देशों के संगठन आसियान के 10 देशों के बीच पिछले नवंबर में आरसेप पर सहमति बनी थी। भारत ने इस पर हस्ताक्षर नहीं किये हैं।

आरसेप एक ऐसा मुक्त व्यापार क्षेत्र बनाएगा जिसके दायरे में विश्व की लगभग 30 प्रतिशत जनसंख्या तथा सकल घरेलू उत्पाद यानि जीडीपी आयेंगे।

जापान सरकार का अनुमान है कि आरसेप निर्यात, निवेश तथा खपत को बढ़ाएगा जिससे देश की जीडीपी में लगभग 2.7 प्रतिशत की वृद्धि होगी।

यह वृद्धि 11 देशों की प्रशांत-पार साझेदारी की अनुमानित लगभग 1.5 प्रतिशत वृद्धि से अधिक होगी।

हस्ताक्षर करने वाले देशों में आरसेप को स्वीकृति देने से जुड़ी प्रक्रियाएँ आगे बढ़ रही हैं। 10 आसियान देशों में से 6 में तथा 5 अन्य देशों में से 3 में स्वीकृति प्रक्रियाएँ पूर्ण होने के 60 दिन बाद आरसेप समझौता प्रभाव में आ जाएगा।