द.कोरियाई विशेषज्ञ – जल निस्तारण का दुष्प्रभाव नगण्य

दक्षिण कोरिया के आणविक ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि जापान के फ़ुकुशिमा दाइइचि परमाणु बिजली घर से प्रशोधित जल के नियोजित निस्तारण से दक्षिण कोरियाई लोगों पर कोई ख़ास असर नहीं पड़ेगा।

जापान सरकार ने क्षतिग्रस्त बिजली घर से प्रशोधित जल का निस्तारण महासागर में करने का निर्णय इस माह की शुरुआत में लिया था। निस्तारण से पहले ट्रिटियम जैसे रेडियोधर्मी पदार्थों की सांद्रता को राष्ट्रीय मानक स्तर से कम करने के लिए अपशिष्ट जल में शुद्ध जल का मिश्रण किया जाएगा।

कोरियाई परमाणु संस्थान ने सोमवार को वक्तव्य जारी कर कहा कि बिजली घर में भण्डारित समस्त जल का निस्तारण एक वर्ष के भीतर किये जाने की स्थिति में भी दक्षिण कोरियाई लोगों पर विकिरण का दुष्प्रभाव नगण्य होगा।

वक्तव्य में कहा गया है कि दक्षिण कोरिया के अधिकांश मीडिया केन्द्र विकिरण को लेकर जनता में भय का माहौल तैयार कर रहे हैं, लेकिन संस्थान आशा करता है कि मत्स्य उत्पादों की सुरक्षा से जुड़े अविश्वास के साथ यह भय भी दूर हो जाएगा।

संस्थान ने दक्षिण कोरियाई सरकार से इस मुद्दे पर राजनैतिक या भावनात्मक प्रतिक्रिया देने से बचने और वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित समाधान तलाशने का आग्रह किया है।

संस्थान ने यह भी कहा कि दक्षिण कोरिया को पर्याप्त जानकारी या स्पष्टीकरण प्रदान किये बिना जापान सरकार द्वारा लिया गया यह निर्णय खेदजनक है।