वार्षिक रिपोर्ट - सेन्काकु घुसपैठ से हुआ अंतरराष्ट्रीय क़ानून का उल्लंघन

जापान की विदेश नीति से संबद्ध वार्षिक रिपोर्ट में पहली बार स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सेन्काकु द्वीपों के निकट जलक्षेत्र में चीन के जहाज़ों की घुसपैठ अंतरराष्ट्रीय क़ानून का उल्लंघन है।

विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को मंत्रिमंडल की बैठक में वर्ष 2021 की राजनयिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। चीन के सरकारी जहाज़ पूर्वी चीन सागर स्थित इन द्वीपों के निकट जापानी जलक्षेत्र में लगातार प्रवेश करते आये हैं।

जापान का इस द्वीपसमूह पर नियंत्रण है। चीन और ताइवान इस पर अपना दावा करते हैं। जापान सरकार अपने रुख़ पर क़ायम है कि इतिहास और अंतरराष्ट्रीय क़ानून के अंतर्गत यह द्वीपसमूह जापानी भूभाग का अभिन्न अंग है। सरकार का कहना है कि इस पर संप्रभुता का कोई विवाद नहीं है।

इस बार भी वार्षिक रिपोर्ट में जापान-चीन संबंधों को “सबसे महत्त्वपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों में से एक” बताया गया है।

लेकिन चीन की बढ़ती समुद्री गतिविधियों और सैन्यीकरण को इस क्षेत्र तथा अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए गहन चिंता का विषय बताया गया है। पिछले वर्ष की रिपोर्ट की तुलना में इस बार कठोर भाषा का उपयोग किया गया है। पिछले वर्ष चीन की गतिविधियों को “साझा चिंता” के रूप में वर्णित किया गया था।

वार्षिक रिपोर्ट में चीन के नये क़ानून की आलोचना की गयी है जो उसके तटरक्षक बल को हथियारों के उपयोग का अधिकार देता है। रिपोर्ट में हॉन्ग-कॉन्ग और शिन्च्याँग उइघुर स्वायत्त क्षेत्र में चीन के मानवाधिकार उल्लंघनों का उल्लेख पिछले वर्ष की तुलना में अधिक बार किया गया है।

वहीं, दक्षिण कोरिया को पिछले वर्ष के समान महत्त्वपूर्ण पड़ोसी बताया गया है। लेकिन रिपोर्ट में दक्षिण कोरिया द्वारा जनवरी में लिये गए एक न्यायिक निर्णय पर आपत्ति जतायी गई है जिसमें जापान सरकार से युद्धकालीन कम्फ़र्ट वुमेन कहलायी जाने वाली महिलाओं को मुआवज़ा देने का आदेश दिया गया था।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस फ़ैसले से गंभीर आपसी तनाव और गहराएगा। रिपोर्ट में दक्षिण कोरिया से उचित क़दम उठाने का आग्रह किया गया है।

उत्तर कोरिया के संबंध में वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया है कि उससे परमाणु निरस्त्रीकरण करवाने के प्रयास में जापान, अमरीका और दक्षिण कोरिया आपस में सहयोग करेंगे। रिपोर्ट में उत्तर कोरिया द्वारा जापानी नागरिकों के अपहरण मुद्दे के जल्द समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करने का भी संकल्प व्यक्त किया गया है।