अध्ययन - चेर्नोबिल विकिरण संपर्क से बच्चे नहीं हुए प्रभावित

शोधकर्ताओं के एक अंतरराष्ट्रीय दल का कहना है कि 1986 चेर्नोबिल परमाणु दुर्घटना में प्रभावित लोगों के बच्चों के वंषाणुओं में उन्हें विकिरण संपर्क के कोई दुष्परिणाम देखने को नहीं मिले हैं।

जापान, अमरीका, उक्रेन और रूस जैसे देशों के वैज्ञानिकों ने साइंस पत्रिका में बृहस्पतिवार को अपनी खोज प्रकाशित की।

शोधकर्ताओं ने 1987 से लेकर 2002 के बीच सफ़ाई कर्मियों और चेर्नोबिल परमाणु ऊर्जा संयंत्र के 70 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों के घर पैदा हुए 130 बच्चों का अध्ययन किया।

बच्चों के पिता औसत 365 मिलीसीवर्ट्स आयनित विकिरण के संपर्क में आये थे, जिसमें विकिरण का सर्वाधिक स्तर 4080 मिलीसीवर्ट्स था।

उनकी माताएँ औसत 19 मिलीसीवर्ट्स विकिरण के संपर्क में आयी थीं, जिसमें सर्वाधिक विकिरण 550 मिलीसीवर्ट्स था।

शोधकर्ताओं ने पाया कि उक्त बच्चों के वंषाणुओं में उत्परिवर्तन की दर उन लोगों के बच्चों से अधिक नहीं थी जो विकिरण के संपर्क में नहीं आये थे।