कम्फ़र्ट वुमेन कहलायी जाने वाली महिलाओं का मुकदमा हुआ ख़ारिज

दक्षिण कोरिया की एक अदालत ने युद्धकाल में कम्फ़र्ट वुमेन कहलायी जाने वाली महिलाओं और उनसे जुड़े परिवारों के एक समूह द्वारा दायर मुकदमा ख़ारिज कर दिया है।

इस मुकद्दमे में जापान सरकार से हर्जाने की माँग की गयी थी। जापान का तर्क है कि यह मुकदमा संप्रभुता उन्मुक्ति के आधार पर ख़ारिज कर दिया जाना चाहिए था। अंतरराष्ट्रीय क़ानून के अंतर्गत यह एक ऐसा सिद्धान्त है जिसमें किसी देश पर किसी विदेशी न्यायालय में दिवानी मामले नहीं चलाये जा सकते।

सोउल केन्द्रीय ज़िला न्यायालय ने कहा कि उसने इस मामले में संप्रभुता उन्मुक्ति का सिद्धान्त लागू किया है। न्यायालय की इस सुनवाई में जापान सरकार का कोई भी अधिकारी उपस्थित नहीं था।

जापान के मुख्य कैबिनेट सचिव कातो कात्सुनोबु का कहना है कि सरकार को फ़िलहाल बयानबाज़ी से बचना चाहिए। कातो ने कहा कि “हम दक्षिण कोरिया से एक देश के रूप में अंतरराष्ट्रीय क़ानून के उल्लंघन की स्थिति दुरुस्त करने के उचित उपाय करने का पुरज़ोर आग्रह करते रहेंगे।” कातो ने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर जापान का रुख़ बिल्कुल नहीं बदलेगा।