जापान में साइबर हमलों के लिए दोषी चीनी सेना

चीन की सेना पर संदेह है कि उसने हैकर्स को जापान में राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेन्सी तथा रक्षा संबंधी कंपनियों सहित सैकड़ों ठिकानों पर साइबर हमले करने का आदेश दिया था। पुलिस ने मंगलवार को चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के एक सदस्य के संबंध में अभियोजकों को दस्तावेज़ भेजे जिस पर इन साइबर हमलों से संबंधित डिजिटल रिकॉर्ड की जालसाज़ी करने का संदेह है।

तोक्यो महानगर पुलिस विभाग के अनुसार वर्ष 2016 में जापान अंतरिक्ष अन्वेषण एजेन्सी यानि जाक्सा एक साइबर हमले का शिकार हुई थी। पुलिस ने एक चीनी व्यक्ति की पहचान की है जिसने जापान में ऐसे कई सर्वर किराये पर लिये थे जिनका कथित तौर पर इस साइबर हमले में प्रयोग किया गया।

उम्र के तीसरे दशक का यह व्यक्ति अब जापान में नहीं है। कंप्यूटर इंजीनियर माने जा रहे इस व्यक्ति ने कथित तौर पर फ़र्जी नामों पर 5 बार सर्वर किराये पर लिये थे।

खोजी सूत्रों के अनुसार इसके बाद इन सर्वरों की आईडी और अन्य पहचान चीन के "टिक" नामक हैकर समूह को भेज दी गयी।

तोक्यो पुलिस को संदेह है कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने टिक को जापान में साइबर हमले करने का निर्देश दिया था। सूत्रों के अनुसार मित्सुबिशि इलेक्ट्रिक और केइओ विश्वविद्यालय सहित क़रीब 200 कंपनियों और उन्नत अनुसंधान संस्थानों को निशाना बनाया गया था।

जाक्सा के एक प्रवक्ता ने एनएचके को बताया कि अंतरिक्ष एजेंसी को सेंधमारी का पता लगा था लेकिन कोई डाटा बाहर नहीं गया और न ही कोई और नुकसान हुआ।

इस बीच, ख़बर है कि एक अन्य चीनी व्यक्ति ने भी जापान में फ़र्जी पहचान दिखा कर कई सर्वर किराये पर लिये हैं। ऐसा कथित तौर पर चीनी सेना में साइबरहमलों के प्रभारी कार्यालय यानि 61419 इकाई के एक सदस्य के निर्देश पर किया गया।