रिकेन व अन्य ने विकसित की कोरोनावायरस त्वरित जाँच विधि

जापान के रिकेन अनुसंधान संस्थान, तोक्यो विश्वविद्यालय और अन्य संस्थानों के शोधकर्ताओं के एक समूह ने ऐसी जाँच विधि विकसित की है जिससे 5 मिनट के भीतर कोरोनावायरस का पता लगाया जा सकता है।

नयी विधि के तहत नमूनों को काँच के एक फलक पर रखा जाता है जिसके प्रति वर्ग सेंटीमीटर में 10 लाख सूक्ष्म गड्ढे हैं।

ये गड्ढे सूक्ष्म जाँच कक्ष का काम करते हैं और इन्हें अति सूक्ष्म संरचना तकनीक के उपयोग से बनाया गया है। प्रत्येक कक्ष में एक अभिकर्मक होता है। किसी नमूने में कोरोनावायरस का राइबोन्यूक्लियक एसिड यानि आरएनए होने पर कक्ष में से प्रकाश उत्सर्जित होने लगता है।

पारंपरिक पीसीआर जाँच से अलग इस नयी विधि में कोरोनावायरस आरएनए की मात्रा को बढ़ाने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि सूक्ष्म कक्ष में वायरस की मामूली मात्रा का भी पता लगाया जा सकता है।

पीसीआर जाँच के लिए आवश्यक एक घंटे या उससे अधिक की बजाय इस विधि से जाँच परिणाम 5 मिनट के भीतर उपलब्ध हो जाते हैं।

समूह कुछ वर्षों के भीतर इस प्रौद्योगिकी का व्यावसायिक इस्तेमाल करना चाहता है।