म्यांमार में जापानी पत्रकार हिरासत में

म्यांमार में जापान के दूतावास ने पुष्टि की है कि जापानी पत्रकार किताज़ुमि युकि यांगोन स्थित इंसेइन जेल में कैद हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सुरक्षा बल उन्हें रविवार रात उनके घर से उठा ले गये थे।

घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि किताज़ुमि को उनके घर से रात्रि लगभग 7:45 बजे ले जाया गया और उनका सामान ज़ब्त कर लिया गया। उन्होंने बताया कि सेना और पुलिस भी इस छापे में शामिल थे और उन्होंने घर के सभी कमरों की तलाशी ली।

किताज़ुमि की वर्तमान स्थिति का विस्तृत ब्योरा प्राप्त नहीं है।

सैन्य तख़्तापलट के बाद हिंसक उथल-पुथल से जूझ रहे इस देश में किताज़ुमि को इससे पहले भी हिरासत में लिया जा चुका है। फ़रवरी में लोकतंत्र-समर्थक प्रदर्शनों पर ख़बर देने के दौरान उन्हें पुलिस हिरासत में लिया गया था लेकिन उसी दिन रिहा कर दिया गया था।

किताज़ुमि ने म्यांमार की स्थिति के बारे में सोशल मीडिया पर लेख और तस्वीरें साझा की हैं और पहली बार हिरासत में लिये जाने के उपरान्त भी उन्होंने यह कार्य जारी रखा।

सुरक्षा बलों द्वारा प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाये जाने के चलते सेना के खिलाफ़ विभिन्न प्रदर्शन हुए हैं। एक स्थानीय मानवाधिकार समूह का कहना है कि रविवार तक सुरक्षा बलों ने कम से कम 737 लोगों की हत्या कर दी है।

हाल ही में, संसद के अपदस्थ सदस्यों सहित लोकतंत्र-समर्थक राजनेताओं ने राष्ट्रीय एकता सरकार यानि एनयूजी के गठन की घोषणा की है। इसमें आंग सान सू ची, तख़्तापलट विरोधी प्रदर्शनों और जातीय अल्पसंख्यक लोगों के नेतागण शामिल हैं।

एनयूजी ने स्वयं को विधिसम्मत ठहराने के लिए अंतरराष्ट्रीय मान्यता का आह्वान किया है। परंतु सेना ने इसे एक ग़ैरक़ानूनी संगठन करार दिया है और वह अपनी सशस्त्र कार्रवाई तेज़ कर सकती है।