जापानी वैज्ञानिकों ने विकसित की कोरोनावायरस के विभिन्न प्रकारों का पता लगाने वाली तकनीक

जापान के एक वैज्ञानिक दल ने कहा है कि उसने एक ऐसी तकनीक विकसित की है जिससे केवल एक जाँच में कोरोनावायरस के एक सौ से अधिक उत्परिवर्तित प्रकारों का पता लगाया जा सकता है।

इस दल के सदस्यों में तोहो विश्वविद्यालय के प्राध्यापक और संक्रामक रोग विशेषज्ञ तातेदा काज़ुहिरो तथा एक जापानी विनिर्माता भी शामिल हैं।

“पाई-कोड विधि” नामक इस तकनीक में केवल 0.04 मिलीमीटर व्यास की डिस्क का उपयोग किया जाता है जिसकी सतह पर बारकोड जैसी आकृति बनी है।

वायरस के नमूनों वाली इन डिस्क इकाइयों पर एक अभिकर्मक लगाया जाता है जो उत्परिवर्तित प्रकारों से संबद्ध विशिष्ट वंशाणुओं से क्रिया करने पर प्रकाश उत्सर्जित करता है।

दल के अनुसार सैद्धान्तिक रूप से विभिन्न प्रकारों पर अलग-अलग प्रतिक्रिया देने वाली कई डिस्क इकाइयों का एक साथ प्रयोग करते हुए केवल एक नमूने से एक सौ से अधिक उत्परिवर्तित प्रकारों का पता लगाया जा सकता है।

सदस्यों का कहना है कि एक विशेष उपकरण बारकोड के नमूने पढ़ कर, प्रकाश उत्सर्जित करने वाली डिस्क की स्वतः पहचान कर लेता है। इस तरह वैज्ञानिक नमूने में उत्परिवर्तित प्रकार का पता लगा सकते हैं।

उन्होंने जाँच के एक ही नमूने से एक ही बार में कोरोनावायरस के ब्रिटिश , दक्षिण अफ़्रीकी और अन्य प्रकारों का पता लगाने में सफलता हासिल की है।