विशेषज्ञ - जापान में कोरोनावायरस का ब्रिटेन प्रकार हो रहा है प्रबल

जापान के एक अनुसंधान संस्थान का अनुमान है कि मई के आरम्भ तक कोरोनावायरस का ब्रिटेन प्रकार तोक्यो और उसके आस-पास के क्षेत्रों में कुल मामलों में से 80 प्रतिशत से अधिक का कारक बन जाएगा।

राष्ट्रीय संक्रामक रोग संस्थान ने कोरोनावायरस के प्रकारों की जाँच के नतीजों के आधार पर मंगलवार को यह अनुमान व्यक्त किया।

संस्थान का कहना है कि एन501वाई नामक ब्रिटेन प्रकार प्रति व्यक्ति से संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या के आधार पर मूल वायरस से 1.32 गुणा अधिक संक्रामक है। ग़ौरतलब है कि एन501वाई प्रकार के मामले सबसे पहले ब्रिटेन में सामने आये थे।

संस्थान के अनुसार ब्रिटेन प्रकार के संक्रमण मामले तोक्यो और उसके तीन पड़ोसी प्रिफ़ैक्चरों में मध्य मार्च से बढ़ रहे हैं। अप्रैल के आरम्भ में यह प्रकार 10 प्रतिशत मामलों के लिए ज़िम्मेदार था और मई की शुरुआत तक यह बढ़ कर 80 से 90 प्रतिशत मामलों का कारक बन सकता है।

ओसाका और उसके निकटवर्ती दो प्रिफ़ैक्चरों में ब्रिटेन प्रकार के मामले फ़रवरी में बढ़ना आरम्भ हुए थे और माना जा रहा है कि मार्च के अंत तक यह अधिकांश मामलों का कारक बन गया था। संस्थान का अनुमान है कि इस प्रकार का अनुपात अप्रैल की शुरुआत में अनुमानित 75 प्रतिशत से बढ़कर 80 प्रतिशत हो गया है। अगले माह के अंत तक यह अनुपात क़रीब 100 प्रतिशत हो सकता है।

संस्थान का पूर्वानुमान है कि मध्यवर्ती जापान के चार प्रिफ़ैक्चरों और ओकिनावा में अगले माह के आरम्भ तक कोरोनावायरस के अधिकांश मामले ब्रिटेन प्रकार के होंगे।

संस्थान के एक वरिष्ठ विशेषज्ञ के अनुसार इस अनुमान में संशोधन भी हो सकता है क्योंकि इसमें लोगों की गतिविधियों में सम्भावित कमी जैसे संक्रमण-रोधी उपायों से होने वाले बदलावों को शामिल नहीं किया गया है।