आईएईए जापान के लिए भेज सकता है विशेषज्ञों का दल

संयुक्त राष्ट्र की परमाणु प्रहरी संस्था विशेषज्ञों का एक बहुराष्ट्रीय दल जापान भेजने पर विचार कर रही है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानि आईएईए के महानिदेशक राफ़ेल मारिआनो ग्रॉस्सी ने एनएचके के साथ हुए एक विशेष साक्षात्कार में यह जानकारी दी।

इसका उद्देश्य दुर्घटनाग्रस्त फ़ुकुशिमा दाइइचि परमाणु बिजली घर से प्रशोधित जल के महासागर में निस्तारण की जापान की योजना से सम्बन्धित चिंता कम करना होगा।

जापान सरकार ने अपनी इस योजना की घोषणा मंगलवार को की थी। अपशिष्ट जल में से अधिकांश रेडियोधर्मी पदार्थ हटाने के लिए इसे प्रशोधित किया गया है लेकिन इसमें अब भी रेडियोधर्मी ट्रिटियम मौजूद है।

प्रशोधित जल के निस्तारण से पहले उसे जलमिश्रित किया जाएगा ताकि उसमें ट्रिटियम की सान्द्रता राष्ट्रीय मानकों से काफ़ी कम की जा सके।

सान्द्रता के स्तर को विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा पेय जल के लिए प्रस्तावित स्तर के क़रीब सातवें हिस्से तक कम किया जाएगा।

सरकार लगभग दो वर्षों के भीतर प्रशोधित जल का निस्तारण आरम्भ करने की योजना रखती है।

बुधवार को हुए साक्षात्कार में ग्रॉस्सी ने कहा कि जापान सरकार ने इस योजना के सम्बन्ध में आईएईए से सहयोग का आधिकारिक निवेदन किया है।

उन्होंने कहा कि एजेंसी जापान के निर्णय के लिए महीनों से तैयारी कर रही थी। उन्होंने बताया कि आईएईए एक बहुपक्षीय दल भेज सकती है जो प्रशोधित जल की निस्तारण प्रक्रिया की सुरक्षा प्रमाणित करते हुए सम्बन्धित चिंता दूर करने के प्रयास करेगा।

ग्रॉस्सी ने कहा कि कुछ स्थानीय निवासियों तथा दक्षिण कोरिया और चीन जैसे पड़ोसी देशों द्वारा व्यक्त की गयी चिंता को अनदेखा नहीं किया जा सकता।

ग्रॉस्सी ने कहा, “चाहे हम सहमत हों या असहमत, लेकिन हमें सभी चिंताओं को गम्भीरता से लेना होगा। यह हमारी साझा ज़िम्मेदारी है।”