फ़ुकुशिमा परमाणु बिजली घर के प्रशोधित जल का समुद्र में होगा निस्तारण

एनएचके को ज्ञात हुआ है कि जापान सरकार फ़ुकुशिमा दाइइचि परमाणु बिजली घर के प्रशोधित जल के समुद्र में निस्तारण की योजना जल्द से जल्द मंगलवार तक घोषित कर सकती है।

दुर्घटनाग्रस्त परमाणु बिजली घर का अपशिष्ट जल उसके परिसर में स्थित टंकियों में एकत्रित है, जो अगले वर्ष तक भर जाएँगी।

उन्नत जल प्रसंस्करण प्रणाली यानि एल्प्स के माध्यम से जल का प्रशोधन कर अधिकांश रेडियोधर्मी पदार्थों को हटा दिया गया है, परंतु उसमें अब भी रेडियोधर्मी ट्रिटियम उपस्थित है।

सूत्रों के अनुसार प्रशोधित जल में शुद्ध जल मिला कर सरकार ट्रिटियम के अनुपात को राष्ट्रीय मानक से कहीं अधिक सुरक्षित स्तर पर लाना चाहती है। फिर लगभग दो वर्षों बाद वह समुद्र में उस जल का निस्तारण आरम्भ करेगी।

देश का मत्स्य उद्योग इस योजना पर कड़ा विरोध दर्ज करता आया है।

सरकार का कहना है कि वह उनकी चिंताओं के समाधान पर कार्य करेगी और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी तथा अन्य सहयोगियों को शामिल करेगी।

जापान के अर्थ, व्यापार एवं उद्योग मंत्री काजियामा हिरोशि ने शुक्रवार को कहा, “बिजली घर की सुरक्षा को जाँचने और पारदर्शिता बनायी रखने के लिए हम अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानि आईएईए जैसे वैश्विक संस्थानों और स्थानीय सरकारों से सहयोग का आह्वान करेंगे।”

चीन और दक्षिण कोरिया ने भी प्रशोधित जल के समुद्र में निस्तारण पर चिंता व्यक्त की है।

आवश्यक सूचना –

शुक्रवार 9 अप्रैल के समाचार में हमने फ़ुकुशिमा दाइइचि परमाणु बिजली घर के प्रशोधित जल के समुद्र में निस्तारण की जापान सरकार की योजना की ख़बर दी थी।

इस समाचार से यह संदेश जाने की आशंका भी है कि अधिकांश रेडियोधर्मी पदार्थों को हटाये बिना सरकार रेडियोधर्मी दूषित जल का समुद्र में निस्तारण करेगी। यहाँ “प्रशोधित जल” का उपयोग यह स्पष्ट करने के लिए किया जा रहा है कि समुद्र में निस्तारण से पहले अपशिष्ट जल को प्रशोधित कर उसमें शुद्ध जल मिश्रित किया जाएगा।