कोविड रोगी में जीवित फेफड़ों का हुआ प्रत्यारोपण

क्योतो विश्वविद्यालय अस्पताल का कहना है कि उसने विश्व में पहली बार जीवित अंगदानकर्ता के फेफड़ों का प्रत्यारोपण कोरोनावायरस के कारण गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त फेफड़ों के उपचार के लिए किया है।

वक्ष शल्य चिकित्सा विभाग के निदेशक, प्राध्यापक दाते हिरोशि ने बृहस्पतिवार को अन्य कर्मियों के साथ मिलकर समाचार सम्मेलन आयोजित किया।

अस्पताल ने बताया कि कांसाइ क्षेत्र की निवासी एक महिला की बुधवार को करीब 11 घंटे की सर्जरी की गयी।

अस्पताल ने कहा कि पिछले वर्ष के अंत में कोरोनावायरस से संक्रमित होने के बाद रोगी को गंभीर निमोनिया हो गया था।

हृदय और फेफड़ों के कार्यों को करने वाली एक्मो मशीनों का उपयोग कर उसका इलाज किया गया और अंततः रोगी जाँच में संक्रमण-मुक्त पायी गई।

लेकिन फ़ाइब्रोसिस के कारण उसके फेफड़ों के अधिकतम भाग ने काम करना बंद कर दिया था और उनके ठीक होने की कोई संभावना नहीं थी।

महिला के पति और पुत्र द्वारा अंगदाता बनने की पेशकश के बाद चिकित्सकों ने दोनों के फेफड़ों के अंश प्रत्यारोपित किये हैं।

अस्पताल का कहना है कि महिला का इलाज अब सघन देखभाल कक्ष में किया जा रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि अगर मरीज़ की स्थिति में लगातार सुधार आता रहा तो तीन महीनों में उसके पूर्ण स्वस्थ होने की संभावना है। अस्पताल ने बताया कि महिला के पति और पुत्र भी ठीक हैं।

अस्पताल का कहना है कि जीवित अंगदानकर्ताओं से फेफड़ों का प्रत्यारोपण प्राप्त करने वाली यह दुनिया की पहली पूर्व-कोविड-19 संक्रमित महिला है। दाते का मानना है कि फेफड़ों का प्रत्यारोपण, कोरोनावायरस संक्रमण उपरांत गंभीर दुष्प्रभाव झेल रहे लोगों के लिए उपचार का आशाजनक विकल्प बन जाएगा।