मोदी की "प्रिय मित्र" पुतिन से मुलाकात

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मॉस्को का ऐसे समय में दौरा किया है, जब नाटो नेता उक्रेन में लड़ाई पर चर्चा के लिए वॉशिंगटन में एकत्र हुए हैं। मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को अपना "प्रिय मित्र" बताया है, जबकि नाटो नेता पुतिन को अलग-थलग करने की कोशिश कर रहे हैं।

पुतिन ने मंगलवार को मोदी के साथ बैठक में व्यापार, प्रौद्योगिकी और सुरक्षा के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि पिछले साल उनके देशों के बीच व्यापार में 60 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है और उन्होंने इसे "अभूतपूर्व विशेषाधिकार प्राप्त" साझेदारी बताया। उन्होंने उक्रेन में संघर्ष के दौरान संबंध बनाये रखने के लिए मोदी को धन्यवाद भी दिया।

मोदी ने पुतिन से कहा कि उन्हें जल्द से जल्द शांति का रास्ता तलाशना होगा। उन्होंने कहा कि वे हर संभव मदद देने के लिए तैयार हैं। मोदी ने कहा, "युद्ध के मैदान में समाधान संभव नहीं है। बम, बंदूक और गोलियों के बीच समाधान और शांति वार्ता सफल नहीं हो सकती।"

हालाँकि, पुतिन के साथ दोस्ती के उनके प्रदर्शन के लिए उनकी आलोचना की गयी है। उक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के नेता को दुनिया के "सबसे ख़ूंखार अपराधी" को गले लगाते देखकर वे निराश हैं।