किम इल सोंग की 30वीं पुण्यतिथि पर उ.कोरिया का सैन्य शक्ति पर ज़ोर

उत्तर कोरिया ने अपनी मिसाइल और परमाणु क्षमता को रेखांकित करते हुए हाल ही में दक्षिण कोरिया द्वारा किये गए सैन्याभ्यासों की आलोचना की है। उत्तर कोरिया ने सोमवार को किम इल सोंग की 30वीं पुण्यतिथि मनायी, जिन्हें देश का संस्थापक माना जाता है।

देश के वर्तमान नेता किम जोंग उन, किम इल सोंग के पोते हैं।

सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी के समाचार पत्र रोदोंग सिन्मुन ने अपने पहले पन्ने पर देश के दिवंगत संस्थापक की एक बड़ी तस्वीर छापी। इसमें देश के वर्तमान नेता, किम जोंग उन के प्रति वफ़ादारी का आह्वान किया गया, जो अपने पिता और दादा के बाद उत्तर कोरिया के नेता बने हैं।

इसमें आईसीबीएम श्रेणी मिसाइल, ह्वासोंग-18 की तस्वीर भी थी।

समाचार पत्र ने कहा कि उत्तर कोरिया दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश बन गया है जिसे कोई छू नहीं सकता, जो किम जोंग उन के नेतृत्व में परमाणु और मिसाइल विकास कार्यक्रमों की वजह से हुआ है।

रोदोंग सिन्मुन ने किम जोंग उन की छोटी बहन किम यो जोंग का वक्तव्य भी प्रकाशित किया।

किम यो जोंग ने पिछले महीने दक्षिण कोरिया द्वारा भूमि और समुद्री सीमाओं के पास गोलाबारी अभ्यास फिर से शुरू करने की कड़ी आलोचना करते हुए उसे एक"भड़काऊ क़दम बताया, जिससे स्थिति और बिगड़ेगी।"

अमरीका, जापान और दक्षिण कोरिया द्वारा जून में आयोजित फ़्रीडम एज नामक संयुक्त अभ्यास की भी उन्होंने आलोचना की, जिससे प्योंगयांग का टकरावपूर्ण रुख स्पष्ट होता है।

उनके वक्तव्य में कहा गया है कि यदि पता चला कि इन अभ्यासों के कारण उत्तर कोरिया की संप्रभुता का उल्लंघन हुआ है या युद्ध की घोषणा के समान कोई गतिविधि की गयी है, तो "हमारे सशस्त्र बल देश के संविधान द्वारा प्राप्त अधिकार के तहत अपने मिशन और कर्तव्य को तुरंत पूरा करेंगे।"